गोपालगंज, बिहार। जिले के मतेयाँ खास गांव में आगामी 18 मई से शुरू होने जा रहा भव्य श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ पूरे क्षेत्र में
आकर्षण और श्रद्धा का केंद्र बन गया है। ग्राम पंचायत राज मतेयाँ खास स्थित ऐतिहासिक श्रीराम जानकी मंदिर परिसर में आयोजित होने वाले इस सात दिवसीय धार्मिक महाउत्सव को लेकर गांव से लेकर आसपास के इलाकों तक उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी, धार्मिक झंडों और आकर्षक सजावट से सजाया जा रहा है, जबकि आयोजन समिति के सदस्य दिन-रात तैयारियों में जुटे हुए हैं।
धार्मिक आस्था और सनातन संस्कृति के इस महायज्ञ में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। आयोजकों का कहना है कि यह महायज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज में भाईचारा, शांति और आध्यात्मिक जागरण का संदेश देने वाला आयोजन होगा।
18 मई को निकलेगी भव्य कलश यात्रा
आयोजन समिति द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, महायज्ञ की शुरुआत 18 मई 2026, सोमवार को भव्य कलश यात्रा के साथ होगी। सुबह से ही वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बीच सैकड़ों महिलाएं सिर पर कलश लेकर नगर भ्रमण करेंगी। इस दौरान श्रद्धालु “जय श्री राम”, “हर हर महादेव” और “राधे-राधे” के जयघोष से पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना देंगे।
कलश यात्रा में आसपास के गांवों की महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की बड़ी भागीदारी रहने की उम्मीद है। आयोजन समिति ने यात्रा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाने के लिए विशेष व्यवस्था की है। सुरक्षा और यातायात को लेकर भी स्थानीय प्रशासन से सहयोग लिया जा रहा है।
24 मई को होगी पूर्णाहुति और महाप्रसाद वितरण
सात दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक अनुष्ठान का समापन 24 मई 2026, रविवार को पूर्णाहुति और विशाल महाप्रसाद वितरण के साथ होगा। पूर्णाहुति के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजन समिति की ओर से सभी श्रद्धालुओं के लिए बैठने, भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि इतने बड़े स्तर पर महायज्ञ का आयोजन क्षेत्र में लंबे समय बाद हो रहा है, इसलिए लोगों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। गांव के बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक आयोजन को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।
संतों और विद्वानों का लगेगा जमावड़ा
महायज्ञ को विशेष बनाने के लिए देश के कई प्रसिद्ध संतों और विद्वानों को आमंत्रित किया गया है। श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान और भक्ति का संगम देखने को मिलेगा।
इस धार्मिक आयोजन में संत शिरोमणि श्री श्री 1008 विश्वम्भर दास जी महाराज का सानिध्य श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। उनके प्रवचन और आशीर्वचन से भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होगी।
इसके अलावा, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU), वाराणसी के ज्योतिष विभाग के अध्यक्ष और राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित विद्वान प्रो. शत्रुघ्न त्रिपाठी मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। वे सनातन धर्म, वैदिक संस्कृति और धार्मिक परंपराओं पर अपने विचार रखेंगे।
प्रतिदिन होगा संगीतमय प्रवचन
महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन शाम 7 बजे से संगीतमय प्रवचन और भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। इसमें भक्ति गीतों और धार्मिक कथाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश दिया जाएगा।
आयोजन समिति का कहना है कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। भजन-कीर्तन के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाएगा और श्रद्धालु भक्ति रस में डूब जाएंगे।
क्षेत्र में दिख रहा धार्मिक उत्साह
महायज्ञ को लेकर मतेयाँ खास और आसपास के गांवों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। ग्रामीण अपने-अपने स्तर पर आयोजन की तैयारी में जुटे हुए हैं। कोई मंदिर परिसर की सजावट में लगा है तो कोई श्रद्धालुओं के स्वागत की व्यवस्था में व्यस्त है।
गांव के युवाओं की टोली यातायात व्यवस्था और पार्किंग की जिम्मेदारी संभाल रही है, जबकि महिलाएं पूजा सामग्री और प्रसाद की तैयारी में लगी हुई हैं। आयोजन स्थल पर बड़े-बड़े पंडाल बनाए जा रहे हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
यज्ञ अध्यक्ष रामेश्वर यादव ने की सहयोग की अपील
मतेयाँ खास के मुखिया सह पैक्स अध्यक्ष और महायज्ञ के अध्यक्ष रामेश्वर यादव ने सभी क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं से महायज्ञ में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन पूरे क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की परंपराओं को आगे बढ़ाने और समाज में धार्मिक चेतना फैलाने के उद्देश्य से इस महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने सभी लोगों से तन, मन और धन से सहयोग देने का आग्रह किया।
रामेश्वर यादव ने कहा कि आयोजन समिति का प्रयास है कि महायज्ञ में आने वाले हर श्रद्धालु को बेहतर व्यवस्था और सम्मान मिले। इसके लिए गांव के लोग एकजुट होकर काम कर रहे हैं।
समाजसेवियों और ग्रामीणों की अहम भूमिका
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय समाजसेवी आमोद कुमार पाण्डेय (उर्फ पप्पू पाण्डेय), मुकेश पाण्डेय सहित समस्त ग्रामवासी और क्षेत्रवासी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। गांव के लोग सामूहिक रूप से आर्थिक और सामाजिक सहयोग देकर आयोजन को भव्य बनाने में जुटे हुए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने का काम करते हैं और इससे युवाओं में भी संस्कार और धार्मिक चेतना का विकास होता है।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था
आयोजन समिति द्वारा महायज्ञ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं के बैठने के लिए विशाल पंडाल, पेयजल सुविधा, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं।
इसके अलावा बाहर से आने वाले संतों और अतिथियों के ठहरने की भी अलग व्यवस्था की गई है। समिति का दावा है कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए हर स्तर पर तैयारी की जा रही है।
धार्मिक आयोजन से बढ़ेगी क्षेत्र की पहचान
ग्रामीणों और श्रद्धालुओं का मानना है कि इस प्रकार के भव्य धार्मिक आयोजन से न केवल क्षेत्र में आध्यात्मिक माहौल बनता है, बल्कि गांव और जिले की पहचान भी मजबूत होती है। महायज्ञ में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से स्थानीय व्यापार और छोटे व्यवसायों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
धार्मिक जानकारों के अनुसार, श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ जैसे आयोजन भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की जीवंत पहचान हैं। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सामाजिक एकता को बढ़ावा देते हैं।
पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल
महायज्ञ की तिथि नजदीक आते ही पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल बन चुका है। मंदिरों में भजन-कीर्तन शुरू हो चुके हैं और गांव के लोग आयोजन को लेकर उत्साहित नजर आ रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि इस महायज्ञ से पूरे क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि का वातावरण बनेगा।
आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस धार्मिक महाउत्सव का हिस्सा बनें और पुण्य के भागी बनें।
रिपोर्ट: rajiw chandan







